त्र्यम्बक = भूत,भविष्य व वर्तमान तीनों कालों के ज्ञाता तथा कार्य जगत,कारण जगत व सब जीवात्माओं का स्वामीपरमेश्वर l
त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टि वर्धनम् ।उर्वारुकमिव बन्धनान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात् l( ऋग्वेद ७/५९/१२ ) त्र्यम्बक = भूत,भविष्य व वर्तमान तीनों Read More…
